कुछ महीने पहले तक Ola Electric उन शेयरों में गिनी जा रही थी, जिनसे निवेशक दूरी बनाते नजर आ रहे थे। लगातार गिरावट, बढ़ता घाटा और सर्विस से जुड़ी शिकायतों ने कंपनी पर दबाव बढ़ा दिया था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है।
महज तीन महीने के भीतर कंपनी के शेयर ने निचले स्तर से 100% से ज्यादा की छलांग लगा दी है। पिछले छह कारोबारी सत्रों में ही करीब 20% की तेजी दर्ज हुई है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर Ola Electric में अचानक यह जोश कहां से आया?
52-वीक लो से दोगुना हुआ शेयर
मार्च 2026 की शुरुआत में Ola Electric का शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर 21 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। उस समय बाजार में कंपनी को लेकर निराशा का माहौल था।
लेकिन उसके बाद शेयर ने जोरदार वापसी की और मई के अंत तक 42 रुपये के ऊपर पहुंच गया। यानी जिसने गिरावट के दौर में भरोसा दिखाया, उसका निवेश कुछ ही महीनों में दोगुना हो गया।
हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि हालिया तेजी के बावजूद शेयर अभी भी अपने IPO प्राइस 76 रुपये और रिकॉर्ड हाई 157 रुपये से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
पहला बड़ा ट्रिगर: घाटा तेजी से घटा
कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीद से बेहतर रहे। रेवेन्यू में दबाव रहने के बावजूद निवेशकों का ध्यान एक दूसरे आंकड़े पर गया—घाटा।
कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के मुकाबले काफी घटा है। EBITDA घाटे में भी उल्लेखनीय कमी आई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कंपनी पहली बार ऑपरेटिंग कैश फ्लो को पॉजिटिव करने में सफल रही।
यही संकेत निवेशकों को यह भरोसा देने लगा कि कंपनी धीरे-धीरे लाभप्रदता की दिशा में बढ़ रही है।
दूसरा बड़ा कारण: सर्विस नेटवर्क में सुधार
Ola Electric की सबसे बड़ी आलोचना उसकी आफ्टर-सेल्स सर्विस को लेकर होती रही है।
पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने इसी मोर्चे पर सुधार की कोशिश की है। मैनेजमेंट के मुताबिक सर्विस टर्नअराउंड टाइम में बड़ी कमी आई है और लंबित शिकायतों का बोझ भी घटा है।
बाजार को उम्मीद है कि यदि ग्राहक अनुभव बेहतर होता है तो इसका असर भविष्य की बिक्री पर भी दिखाई दे सकता है।
तीसरा संकेत: जून तिमाही को लेकर भरोसा
निवेशक सिर्फ पिछले नतीजे नहीं देखते, वे भविष्य की कहानी भी खरीदते हैं।
कंपनी ने जून तिमाही के लिए बिक्री को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले महीनों में डिलीवरी और रजिस्ट्रेशन की रफ्तार बेहतर रह सकती है।
यही वजह है कि बाजार ने ताजा गाइडेंस को सकारात्मक रूप से लिया।
चौथा ट्रिगर: बैटरी कारोबार पर बड़ा दांव
इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण और महंगा हिस्सा मानी जाती है।
Ola Electric अब अपनी बैटरी निर्माण क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी की योजना अगले चरण में उत्पादन क्षमता का विस्तार करने की है, जिससे लागत नियंत्रण और सप्लाई चेन दोनों मजबूत हो सकते हैं।
निवेशक इसे कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लान के तौर पर देख रहे हैं।
पांचवां कारण: AI पर बढ़ता फोकस
कंपनी अब अपने ऑपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है।
मैनेजमेंट का दावा है कि AI आधारित सिस्टम बिक्री, ग्राहक सेवा और परिचालन गतिविधियों को अधिक कुशल बना रहे हैं। ऐसे समय में जब बाजार AI थीम से जुड़ी कंपनियों को अतिरिक्त प्रीमियम देने को तैयार दिख रहा है, Ola Electric का यह फोकस भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
लेकिन क्या तेजी का सफर आसान रहेगा?
यहां कहानी का दूसरा पक्ष भी है।
कंपनी खुद मान रही है कि आने वाले महीनों में कच्चे माल की बढ़ती लागत और बाजार में आक्रामक प्राइसिंग जैसी चुनौतियां बनी रह सकती हैं। इससे मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
यानी शेयर में आई हालिया तेजी उम्मीदों पर आधारित है, लेकिन इन उम्मीदों को नतीजों में बदलना अब मैनेजमेंट की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
निवेशकों को अब किस पर रखनी चाहिए नजर?
Ola Electric की हालिया रैली ने यह जरूर दिखाया है कि बाजार कंपनी के टर्नअराउंड की कहानी पर फिर से भरोसा करने लगा है। लेकिन असली परीक्षा अगले कुछ तिमाहियों में होगी।
यदि घाटा लगातार घटता है, बिक्री मजबूत रहती है और बैटरी व AI रणनीति जमीन पर असर दिखाती है, तो शेयर की रिकवरी आगे बढ़ सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर इसी बात पर रहेगी कि क्या यह तेजी सिर्फ एक रिबाउंड है या फिर लंबे बदलाव की शुरुआत।
