दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मैं आज के समय में इलेक्ट्रिसिटी का यूज़ हर घर, बिज़नेस और फैक्ट्री की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण है। क्योंकि इलेक्ट्रिसिटी की सही सप्लाई न हो तो किसी भी इंडस्ट्री ने सही तरीक़े से काम नहीं चल पाता है। इसी काम के लिए ट्रांसफॉर्मर एक अहम एक्यूपमेंट है। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिसिटी की मांग देश और दुनिया में तेजी से बढ़ रही है, वैसे-वैसे ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनियां भी खूब फायदा कमा रही हैं।
ट्रांसफॉर्मर इंडस्ट्री में बढ़त
देश में इलेक्ट्रिसिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर लगातार विस्तार कर रहे हैं। सड़कों, पुलों और औद्योगिक परियोजनाओं के साथ नई इलेक्ट्रिसिटी लाइनों की जरूरत भी बढ़ रही है। इस कारण ट्रांसफॉर्मर की मांग बढ़ गई है। कई भारतीय कंपनियां नए प्लांट लगा रही हैं और मॉडर्न टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मर बना रही हैं, ताकि डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत हो सके।
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वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड भारत की एक प्रमुख ट्रांसफॉर्मर निर्माण कंपनी है। यह इलेक्ट्रिसिटी वितरण और मॉडर्न उपयोग के लिए अलग-अलग क्षमता के ट्रांसफॉर्मर बनाती है। कंपनी की बैलेंस शीट बहुत मजबूत है और इस पर लगभग कोई कर्ज नहीं है। साथ ही आपको बता दें कि यह कंपनी सिर्फ पारंपरिक ट्रांसफॉर्मर ही नहीं बना रही, बल्कि अब सोलर एनर्जी से जुड़ी तकनीकों पर भी काम कर रही है। कंपनी इनवर्टर ड्यूटी ट्रांसफॉर्मर और सोलर स्किड सॉल्यूशंस जैसे नए प्रोडक्ट तैयार कर रही है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए बहुत जरूरी हैं।
नई फैक्ट्री और आधुनिक तकनीक
वोल्टैम्प कंपनी गुजरात में 6,000 MVA क्षमता की नई फैक्ट्री बना रही है, जहां 220 kV के हाई-वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे। यह फैक्ट्री कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी और बड़े प्रोजेक्ट्स की मांग को पूरा करने में मदद करेगी।
निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स का शेयर हाल ही में करीब ₹7100 के आसपास चल रहा है। पिछले पांच सालों में इसने करीब 627% का रिटर्न दिया है। यदि किसी निवेशक ने इस कंपनी के शेयरों में पाँच साल पहले एक लाख रुपये का निवेश किया होता तो अब बढ़कर छह लाख सत्ताइस हज़ार रुपये के आस पास होता। वही बीते एक साल में 43% तक टूट गया है। बता दें इस स्टॉक का 52 हफ़्तों का उच्चतम स्तर ₹13,464.25 रुपये हैं, वहीं 52 हफ़्तों का न्यूनतम स्तर ₹6,051 है।
जाने कंपनी के Pros और Cons
Pros
- कंपनी ने अपना कर्ज़ बहुत कम कर लिया है।
- कंपनी अब लगभग बिना कर्ज़ के चल रही है।
- पिछले 5 सालों में कंपनी ने करीब 29.7% की शानदार मुनाफ़ा बढ़त दिखाई है।
- कंपनी 30.4% का अच्छा डिविडेंड पेआउट मेंटेन कर रही है।
Cons
- पिछले तिमाही में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में लगभग 7.8% की गिरावट आई है।
- फिलहाल कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग केवल 30% ही है, जो थोड़ी कम मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: Coffeemedia.inके द्वारा दी गई जानकारी केवल शेयर मार्केट की जानकारी के लिए है। हम यहाँ किसी भी ख़रीदारी और बिकवाली की सलाह प्रदान नहीं करते हैं। निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर सलहा ले।